Tuesday, February 17, 2009

जयकांत मिश्रक जायब

जयकांत मिश्र (19.11.1922 - 03.02.2009) केर पर्याय मात्र जयकांत मिश्र भ सकैत छथि ।  मूलतः मधुबनी जिलाक गजहरा गामक निवासी महोपाध्याय उमेश मिश्रक एहि जेठ बालकक जन्म काशी(बनारस) मे भेल छलन्हि । कर्मभूमि प्रयाग (इलाहबाद) छलन्हि आ इलाहाबाद विश्वविद्यालय मे प्रोफेसर अंग्रेजीक छलाह ।  तथापि मैथिली आ मिथिलाक लेल हुनकर अनुराग आ अनवरत संघर्ष सदति आदर्श रहत । मैथिली भाषा आ मैथिलक उत्थान लेल कएल गेल हुनक प्रयत्न अनुकरणीय छन्हि । मैथिली साहित्यक इतिहास पर कयल गेल जयकांत बाबूक काज एकटा आवश्यक महत्वपूर्ण दस्तावेज थिक । नव पीढी में अपन भाषा, साहित्य आ  मातृभूमि लेल अनुराग, सम्मान आ गौरवक भावक संगहि सार्थक प्रयत्न आ जरूरी संघर्ष करवाक माद्दा भरल रहय तखने एहेन विभूतिक ह्रदय जुडा सकत ।

मैथिली युवा लेखन पर संगोष्ठी आ मैथिली मंडन ब्लागक शुरूआत

आइ दिनांक 16.02.2009 केँ 'मैथिली युवा लेखन दशा आ दिशा' विषय पर शहीद भगत सिंह कॉलेज, दिल्ली में एक टा संगोष्ठीक आयोजन कयल गेल। एहि अवसर पर देशक विभिन्न भाग सँ आयल टटका पीढीक भागीदारी रहल। एहि संगोष्ठी मे भाग लेवय लेल बनारस सँ आयल 'नवतुरिया' केर संपादक अरुणाभ, कटिहार (बिहार) सँ रोहित झा, दिल्ली सँ अलोक रंजन, मिथिलेश कुमार राय, फिरदौस, धर्मव्रत चौधरी, देवांशु वत्स, सेतु कुमार वर्मा आदि आयल छलाह। ऑडियो कांफ्रेंसिंगक जरिये गाजियाबाद से मैथिली आ हिंदीक प्रख्यात कथाकार - संपादक अनलकांत ( गौरीनाथ ) आ सहरसा सँ चर्चित युवा कथाकार अखिल आनंद सभा सँ जुड़लैथ। संगोष्ठीक संचालन कुमार सौरभ केलनि। एहि अवसर केँ 'मैथिली मंडन' ब्लॉग शुरू करवाक लेल प्रेरणाक क्षण मानल जा सकैत अछि। मैथिल युवाक एकटा टीम एहि ब्लॉगक संचालन करत। अपने सबहक प्रतिक्रियाक प्रतीक्षा रहत।